Thursday, March 5, 2020

Kundli: Planets (Grah)


किसी बच्चे के जन्म के समय अन्तरिक्ष में ग्रहों की स्थिति का एक नक्शा बनाकर रख लिया जाता है इस नक्शे केा जन्म कुण्डली कहते हैं।
ज्योतिष के मुख् दो विभाग हैं
गणित और फलित

गणित : मुख् रूप से जन् कुण्डली बनाना आता है। इसमें समय और स्थान के हिसाब से ग्रहों की स्थिति की गणना की जाती है।
 फलित विभाग:  गणनाओं के आधार पर भविष्यफल बताया जाता है।


आजकल बाज़ार में बहुत-से कम्प्यूटर सॉफ़्टवेयर उपलब् हैं और उन्हे जन् कुण्डली निर्माण और अन् गणनाओं के लिए प्रयोग किया जा सकता है।
पूरी ज्‍योतिष नौ ग्रहों, बारह राशियों, सत्ताईस नक्षत्रों और बारह भावों पर टिकी हुई है। सारे भविष्‍यफल का मूल आधार इनका आपस में संयोग है। नौ ग्रह इस प्रकार हैं

ग्रह
अंग्रेजी नाम
सूर्य
Sun
चंद्र
Moon
मंगल
Mars
बुध
Mercury
गुरू
Jupiter
शुक्र
Venus
शनि
Saturn
राहु
North Node
केतु
South Node
आधुनिक खगोल विज्ञान (Astronomy) के हिसाब से सूर्य तारा और चन्‍द्रमा उपग्रह है, लेकिन भारतीय ज्‍योतिष में इन्‍हें ग्रहों में शामिल किया गया है। राहु और केतु गणितीय बिन्‍दु मात्र हैं और इन्‍हें भी भारतीय ज्‍योतिष में ग्रह का दर्जा हासिल है।

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